यदि एक संस्करण तेज चले और आवाज़ें ऊँची लगें, तो इसे दूसरा वक्ता या हटे विराम माना जा सकता है। मूल और बनी प्रति मिलाकर प्लेबैक गति, ऑडियो स्ट्रीम पैरामीटर और सहेजते समय संभावित समय-परिवर्तन जाँचे जाते हैं।
यदि रिपोर्ट होंठ और वाणी का मेल न होना संपादन का संकेत माने, तो अंतर की स्थिरता, स्ट्रीम टाइमस्टैम्प और ट्रांसकोडिंग इतिहास जाँचना होगा। इसकी कई व्याख्याएँ संभव हो सकती हैं, इसलिए विशिष्ट सामग्री की पूरी जाँच करते हुए उसके स्रोत और तैयारी की परिस्थितियों की जानकारी सुरक्षित रखी जाती है। विशेषताओं की तुलना से पहले जाँची जाने वाली परिकल्पना स्पष्ट की जाती है।
यदि ऊँची आवाज ओवरलोड होकर रिकॉर्ड हुई हो, तो आवाज बढ़ाने और शोर घटाने से विकृति बढ़ सकती है, खोई तरंग नहीं लौटती। इसकी कई व्याख्याएँ संभव हो सकती हैं, इसलिए विशिष्ट सामग्री की पूरी जाँच करते हुए उसके स्रोत और तैयारी की परिस्थितियों की जानकारी सुरक्षित रखी जाती है। विशेषताओं की तुलना से पहले जाँची जाने वाली परिकल्पना स्पष्ट की जाती है।
यदि दी गई मोनो प्रति में बातचीत का हिस्सा लगभग सुनाई न दे, तो मूल स्टीरियो के दोनों चैनलों में अलग संकेत हो सकते हैं। जोड़ने से सुनाई देना बदल सकता है। लिप्यंतरण से पहले फ़ाइल संरचना और हर मूल चैनल को प्रति से अलग मिलाना चाहिए।
दूसरी आवाज़ों के बीच विवादित वाक्य: प्रतिलिपि की सीमा कैसे बताएँ
यदि मुख्य शब्द दूसरी आवाज़ों और शोर से ढके हों, तो पक्ष अलग प्रतिलिपियाँ पेश कर सकते हैं। तैयार पाठ को विश्वास से पढ़ना यह सिद्ध नहीं करता कि मूल ध्वनि में हर शब्द स्पष्ट है।
यदि निर्यात किए वीडियो में समय उछले या छोटी रुकावट दिखे, तो इससे जानबूझकर अंश हटाना स्थापित नहीं होता। यह विशेषता रिकॉर्डिंग, निर्यात, फाइलें जोड़ने या दोबारा एन्कोड करने के दौरान बन सकती है। प्राप्त फाइल को दोबारा सहेजे बिना सुरक्षित रखना और उपलब्ध मूल रिकॉर्डिंग लेना उपयोगी है। यह भी जाँचना होगा कि समय की लिखावट रिकॉर्डिंग का हिस्सा है या प्लेयर ने जोड़ी है।